क्या महाभारत घर में रखने से लड़ाई होती है?

kya mahabharat ghar me rakhane se ladai hoti hai
  
बड़े-बुजुर्गों से सुनते आए हैं कि महाभारत को घर में नहीं रखना चाहिए और ना ही इसका घर में पाठ करना चाहिए क्योंकि इससे घर में लड़ाई-झगड़े होते हैं। क्या यह धारणा सही है या नहीं?

  • ऋग्वेद - आयुर्वेद, यजुर्वेद - धनुर्वेद, सामवेद - गंधर्ववेद और अथर्ववेद - स्थापत्यवेद के बाद महाभारत को पांचवां वेद माना गया है। अर्थात इसे वेद के समान दर्जा प्राप्त है। जब वेद रखे जा सकते हैं तो इसे भी रखा जा सकता है क्योंकि वेद में भी महाभारत के युद्ध के समान ही दशराज्ञ और इंद्र-वृत्तासुर का वर्णन मिलता है। दशराज्ञ या दसराजा के युद्ध में भी आपसी कुल की ही लड़ाई का वर्णन मिलता है।

  • कई घरों में दुर्गा सप्तशती, रामायण, पुराण या अन्य ग्रंथ मिलते हैं। सभी में ही युद्ध का वर्णन मिलता है तो यह समझना की युद्ध का वर्णन होने के कारण हम इसे घर में नहीं रखें तो यह उचित नहीं।


  • कोई यह मानता है कि इसे घर में रखने से रिश्तों में घटास आती है तो रामायण में भी रिश्तों को लेकर बहुत कुछ है। आप यह सोच सकते हैं कि इससे आपका दाम्पत्य जीवन खराब हो सकता है और आपको भी वन में रहना पड़ सकता है। घर में ऐसे कई उपन्यास भी होंगे जिसमें रिश्तों को लेकर बहुत कुछ लिखा होगा। दुनिया के हर धर्मंग्रंथ में रिश्तों और युद्ध को लेकर बहुत कुछ लिखा हुआ है।

  • महाभारत में श्रीकृष्ण के गीता ज्ञान के अलावा और भी कई तरह के ज्ञान शामिल हैं। जैसे- पराशर गीता, धृतराष्ट्र-संजय संवाद, विदुर नीति, भीष्म नीति, यक्ष प्रश्न आदि।

  • हिन्दुओं के किसी भी ग्रंथ में यह नहीं लिखा है कि महाभारत को घर में नहीं रखना चाहिए। यदि ऐसा होता तो क्या वेद व्यासजी इसे स्पष्ट नहीं करते। यह पुस्तक जहां जहां रखी हैं वहां तो ऐसा कुछ नहीं हुआ। 



आपको हमारा लेख(आर्टिकल) कैसा लगा यह कमेंट करके जरूर बताना... हम आपके कमैंट्स की राह देख रहे है

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ